बच्चों में दौरे (Seizure in Children) : 7 महत्वपूर्ण कारण और उनका इलाज

seizure in children

Introduction : परिचय

बच्चों में दौरे पड़ना (Seizure in children ) एक डरावना अनुभव हो सकता है लेकिन माता पिता इसके कारण, लक्षण और उपचार के बारे में समझ लें तो वे शांत रहकर बच्चे की मदद कर सकते हैं । तो आइए आज जानते है बच्चों में मिर्गी के और अन्य दौरों के बारे में –

What is a Seizure : दौरा क्या होता है ?

बच्चों में दौरे तब पड़ते हैं जब मस्तिष्क (Brain) में अचानक किसी कारणवस असामान्य इलेक्ट्रिक गतिविधि होती है । इससे बच्चे की हरकतें ,व्यवहार , हौस, और महसूस करने की क्षमता बदल जाती है । दौरे के समय बच्चा बेहोश होकर झटके खाने लगता है और आंखें ऊपर चढ़ जाती हैं ।

यह दौरे कुछ सेकंड से लेकर मिनट या घंटे तक हो सकते हैं , कुछ हल्के होते है तो कुछ गंभीर –

Common Cause of Seizure : बच्चों में दौरे के मुख्य कारण

बच्चे को दौरे आने के कई कारण होते है जिनमें से प्रमुख निम्न हैं –

  1. बुखार के कारण दौरा (Febrile Seizure ) – यह दौरे सामान्यतः 6 महीने से लेकर 6 साल तक आते हैं जब बच्चे को तेज बुखार हो जैसे बच्चों में निमोनिया के समय , और यह दौरा कुछ देर बाद रुक जाता है । आम तौर पर ये नुकसानदायक नहीं होते हैं
  2. मिर्गी (Epilepsy )-बार बार बिना बुखार के या बिना किसी चोट के दौरा पड़ना , ये दौरे मस्तिष्क के लिए नुकसान दायक होते है , इसे लंबे टाइम दवा देकर नियंत्रित किया जाता है ।
  3. मस्तिष्क के संक्रमण के कारण दौरा (Meningitis and Encephalitis )– ये दौरे सामान्यत किसी संक्रमण जैसे जीवाणु और वायरस संक्रमण के दिमाग तक पहुँचने के कारण होता है । कम उम्र में Blood Brain Barrier विकसित नहीं होता है तो neonate और infant बच्चे में ये ज्यादा होता है ।
  4. सिर में चोट लगने से (Head Injury) – किसी कारण से सिर में चोट लगने से दिमाग की सौजन की वजह से भी दौरे आ सकते है जैसे बच्चा किसी ऊंचाई से गिर गया हो , सड़क दुर्घटना में चोट
  5. Hypoglycemia , Hypocalcemia और अन्य Electrolyte असंतुलन के कारण – preterm बच्चों में ,Malnutrition कुपोषित बच्चों में ,Diabetic बच्चों में ज्यादा इंसुलिन लगने से, या अन्य कारण से शुगर कम हो जाए तो Hypoglycemic seizure आते हैं इसी तरह calcium कम होने पर या अन्य electrolyte imbalance (जैसे बच्चों में उल्टी ज्यादा होना) के कारण भी बच्चों में दौरे आ सकते हैं ।
  6. HIE– जन्म के समय बच्चे देर से रोने (Birth Asphyxia ) की वजह भी Brain Damage होता है जिसे Hypoxic Ischemic Encephalopathy (HIE) कहते है ।
  7. आनुवंशिक कारण(Genetic Cause) – कुछ आनुवंशिक कारण से भी बच्चों में दौरे आ सकते हैं

Symptom of Seizure in children : दौरे के लक्षण

दौरे के समय बच्चे में निम्न लक्षण दिख सकते है –

  • अचानक शरीर में अकड़न और हाथ पाँव में झटके
  • आँखें ऊपर की घूम जाना
  • बेहोशी
  • मुँह से झाग आना
  • पेशाब या मल का नियंत्रण न रहना
  • दौरे के बाद नींद या भ्रम की स्थिति
  • Absence Seizure जैसी स्थिति में झटके नहीं आते कुछ सेकंड तक बेहोशी आती है

What to do During Seizure : बच्चों में दौरे के समय क्या करना चाहिए ?

  • दौरे के समय घबराने से कुछ नहीं होता , शांत रहें और समय नोट करे
  • बच्चे को बाई करवट लिटाना चाहिए ताकि उल्टी करे तो सांस की नली में (Aspirate)ना जाए
  • आसपास की नुकीली चीजें हटा दें और खुली हवा में बच्चे को लिटायें
  • दौरे के समय मुँह में कुछ भी नहीं देना चाहिए पानी पिलाने की गलती नहीं करनी चाहिए इस दौरान बेहोशी में निगलने की ताकत नहीं रहती और पानी फेफड़े में जा सकता है ।
  • गले के कपड़े ढीले कर देने चाहिए ।
  • बच्चे को तुरंत डॉक्टर को दिखाना चाहिए ।

Treatment of Seizure in children: दौरे का इलाज

बच्चों में दौरे का इलाज इसके कारण पर निर्भर करता है –

अपने डॉक्टर को दौरे के बारें में पूरी Detail से बताएं जैसे दौरे कितनी देर से आ रहा है , शरीर के किस हिस्से में दौरा आ रहा था ,दौरा बुखार के साथ था या नहीं , किसी चोट लगने के बाद आया है या नहीं । जन्म के बाद से पहला दौरा कब आया , इस तरह की Detail History और Physical Examination के आधार पर डॉक्टर कारण का पता लगा कर निम्न इलाज करते है और बच्चे के वजन के अनुसार दवा देकर इलाज करते है ।

बुखार की वजह से आने वाले दौरे में सामान्यतः Cold Sponging करके fever कम करने से ही आराम मिल जाता है आमतौर पर Anticonvulsant की जरूरत नहीं रहती है

Meningitis और Encephalitis जैसे CNS Infection के लिए CSF (Lumber puncture ) MRI , EEG जैसी जाँचे करके meningitis Dose में Antimicrobial ,Antitubercular ,Antiviral दवा शुरू की जाती है जिसका Duration भी Reports की severity के अनुसार निर्धारित किया जाता है । Meningitis के Sign जैसे Neck Rigidity , Kernig Sign , Brudzinski Sign देखकर भी doctor पता लगते हैं ।

Birth Asphyxia जैसे कारण के HIE की grade 1,2,3 के अनुसार treatment निर्धारित किया जाता है इनमें Drug of Choice Phenobarbitone होती है जो वजन के अनुसार Loading dose और Maintenance dose दी जाती है ।

Epilepsy के दौरे लंबे समए तक Antiepileptic / Anticonvulsant दवा देकर control किए जाते है जिसकी Dose और Duration बच्चे के वजन और General condition के आधार पर निर्धारित किया जाता है ।

डॉक्टर के द्वारा बच्चे की RBS, Serum Calcium ,Ionic Calcium & Serum Electrolyte की जांच के आधार पर दौरे का इलाज IV Dextrose ,IV Calcium Gluconate (वजन के अनुसार और Pulse monitor के अनुसार ) ऍवम् इलेक्ट्रलाइट करेक्शन करके किया जाता है ।

Head Injury के दौरों का इलाज ICU में brain Imaging के अनुसार Head side Bed Elevation, IV Mannitol ,IV Hypertonic saline के द्वारा Intracranial Pressure को कम करके किया जाता है । ध्यान रहे Mannitol, Active Intracranial Bleeding , Renal Disease, Severe dehydration में नहीं लगाया जाता है ।

Status Epilepticus का इलाज airway manage, आक्सीजन,IV Benzodiazepine, iv glucose, anticonvulsant medicine , और ICU में Anesthetics medicine, Mechanical ventilator की भी जरूरत पड़ती है ।

Prevention of Seizure in children : दौरे से बचाव के उपाय

हालांकि हर दौरा रोका नहीं जा सकता है फिर भी कुछ सावधानियाँ रखनी चाहिए –

  • बुखार को समय पर नियंत्रित करें ।
  • सिर की सुरक्षा के लिये दुपहिया वहाँ चलते समय हेलमेट रखें ।
  • मिर्गी वाले बच्चों को दवा डॉक्टर की राय के बिना बंद नहीं करनी चाहिए ।
  • बच्चों को पर्याप्त और पौष्टिक आहार दें ।

Conclusion :निष्कर्ष

बच्चों में दौरे डरावने जरूर लगते है लेकिन अधिकतर मामले में वो ठीक होने योग्य होते है। सही जानकारी समय पर इलाज से बच्चा सामान्य जीवन जी सकता है ।

आशा करते है आपको यह जानकारी उपयोगी लगी होगी अपने परिवार के लोगों को जरूर share करें । धन्यवाद

Disclaimer

this information is only for education purpose , not a substitute for professional medical advice or treatment. Always seek the advice of your Physician and Pediatrician .यह जानकारी एक शिक्षा और जागरूकता के उद्देश्य से है यह कोई चिकित्सा राय नहीं है, इलाज अपने डॉक्टर की सलाह के बाद ही करें ।

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