नवजात शिशुओं में जन्मजात विकृति (Congenital Anomalies in Newborn ): कारण और बचाव के लिए 11 जरूरी सावधानियाँ

Introduction : परिचय

Congenital Anomalies in Newborn : हर साल दुनिया में लाखों बच्चों का जन्म विकृतियों (Congenital Anomalies ) के साथ होता है , इन्हें Birth Defect भी कहा जाता है । ये विकृतियाँ गर्भावस्था (Pregnancy) के दौरान उत्पन्न होती हैं और जन्म के समय मौजूद रहती हैं । इनमें से कुछ बच्चे जन्म या जन्म से पहले ही मर जाते हैं और कुछ ता उम्र उस विकृति के साथ जीते है ।

तो आईए जानते है इन नवजात शिशुओं में जन्मजात विकृतियों के बारे में –

What are Congenital Anomalies in Newborn : नवजात शिशुओं में जन्मजात विकृति क्या होती है ?

नवजात शिशुओं में जन्मजात विकृति वह स्थिति है जिसमें बच्चे के शरीर की संरचना या कार्य में कोई कमी या असामान्यता होती है । इनका पता गर्भ के दौरान भी विशेष प्रकार की जाँचों से चल जाता है लेकिन कुछ का पता जन्म के समय और बाद में चलता है ।

जन्मजात विकृतियाँ हल्की (birthmark ) से लेकर गंभीर और जानलेवा(मस्तिष्क से संबंधित) तक हो सकती हैं । समय पर पहचान और उचित इलाज / बचाव से बच्चे का भविष्य बेहतर बनाया जा सकता है ।

Common Type of Congenital Anomalies in Newborn : जन्मजात विकृतियों के प्रकार

नवजात शिशुओं में जन्मजात विकृति मुख्य रूप से दो प्रकार की होती हैं –

  1. Structural Anomalies (संरचनात्मक विकृतियां ) – ये शरीर के किसी बनावट में असामान्यता होने से होती हैं –
    • हृदय की विकृति ( congenital heart disease ) जैसे ASD , VSD, TOF, TA ,TGA,
    • मस्तिष्क और रीढ़ की हड्डी की विकृति (Brain/Spinal cord related ) जैसे Spina Bifida , Anencephaly
    • होंठ और तालु की विकृति (Cleft Lip / Palate )
    • पैर की विकृति (Club Foot )
    • Diaphragmatic Hernia
    • उंगलियों की विकृति (Polydactyly, Syndactyly )
  2. Functional Anomalies (कार्यात्मक विकृतियाँ )- ये विकृतियाँ शरीर की कार्य क्षमता को प्रभावित करती हैं –
    • डाउन सिन्ड्रोम
    • जन्मजात खून की विकृति – Thalassemia, सिकल सेल एनीमिया
    • जन्मजात थाइरॉइड की विकृति – Congenital Hypothyroidism
    • Phenylketonuria (PKU)
    • Cystic Fibrosis

Cause and Risk factor Congenital Anomalies in Newborn :जन्मजात विकृतियों के कारण

जन्मजात विकृतियों के कई कारण हो सकते हैं जिनमें से मातृ स्वास्थ्य संबंधित और आनुवंशिक कारण प्रमुख हैं –

  1. Maternal Health Related (मातृ स्वास्थ्य संबंधी कारण )-
    • गर्भावस्था के दौरान संक्रमण (Infection) जैसे TORCH इन्फेक्शन , Syphilis
    • माँ द्वारा तंबाकू और शराब का सेवन
    • माँ द्वारा कुछ दवा का सेवन (Teratogenic Drug /Medicine )
    • माँ के Radiation Exposure
    • माँ में Folic acid या अन्य पोषक तत्व की कमी
    • माँ में थाइरॉइड , Diabetes का अनियंत्रण
    • अधिक आयु की गर्भवती महिला (35 वर्ष से अधिक होना)
  2. Genetic Cause (आनुवंशिक कारण )-
  3. Unknown Cause – ऊपर बताए गए कारणों के अलावा भी अन्य कई कारण हैं जिनका अभी तक पता नहीं चल पाया है

Diagnosis of Congenital Anomalies in Newborn : जन्मजात विकृतियों की पहचान

जन्मजात विकृतियों की पहचान जितनी जल्दी हो सके उतना ही अच्छा होता है ताकि समय रहते उपचार किया जा सके।

गर्भावस्था के दौरान ( Prenatal Diagnosis ) –

  • अल्ट्रासाउंड सोनोग्राफी (USG) से हृदय ,मस्तिष्क या शरीर की विकृति पता चल सकती हैं ।
  • Maternal Serum Screening – माँ के रक्त से serum से कुछ जन्मजात विकृतियों का पता लगाया जाता है ।
  • Amniocentesis और CVS( chorionic villus sampling ) जैसी तकनीक से chromosomal असामान्यता का पता लगाया जाता है ।
  • NIPT (Non invasive pre natal Testing ) – माँ के रक्त में fetal DNA को analysis करके भी विकृतियों का पता लगाया जाता है ।

जन्म के समय (Post Natal Diagnosis)

  • नवजात के शारीरिक जांच (Physical Examination) करके – जन्म के समय बाहरी विकृतियों का पता लगाया जा सकता है जैसे गुदाद्वार ना बनना (Anal Atresia ), तालु और होंठ का कट होना (Cleft Palate/ Lip)
  • Blood Test से Newborn Screening से मेटाबालिक विकारों की जांच जैसे थाइरॉइड (Congenital Hypothyroidism ), PKU, CAH
  • Imaging तकनीक से हृदय संबंधित विकारों का पता लगाया जाता है जैसे Echocardiography , MRI
  • Pulse Oximetry से हृदय जैसी विकृतियों का पता लगाया जाता है

Treatment of Congenital Anomalies in Newborn: जन्मजात विकृतियों का इलाज

इनका इलाज विकृति के प्रकार और गंभीरता पर निर्भर करता है ।

  1. शल्य क्रिया (Surgery) – Cleft Lip / Palate , Congenital Heart Disease आदि का इलाज ऑपरेशन करके किया जाता है ।
  2. दवा के द्वारा (Medicine)– जैसे थाइरॉइड की तकलीफ हो तो मेडिसिन देकर इलाज किया जाता है ताकि Congenital Hypothyroidism की वजह से होने वाली मंदबुद्धिता को रोक जा सके ।
  3. Orthopedic द्वारा Club foot का प्लास्टर करके उपचार किया जाता है
  4. Rehabilitation– जैसे फिजियो थेरेपी , स्पीच थेरेपी
  5. Genetic Counselling (आनुवंशिक परामर्श )- यदि किसी माता पिता या परिवार में जन्मजात विकृति का इतिहास हो तो गर्भ धारण (Pre Conception ) से पहले या गर्भावस्था के दौरान अपने डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिये ।

Prevention of Congenital Anomalies in Newborn : जन्मजात विकृतियों का बचाव

थोड़ी सावधानियाँ बरतकर , जागरूक रहकर कुछ जन्मजात विकृतियों से बच्चे को बचाया जा सकता है –

गर्भधारण से पहले (Pre Conception Care )-

  1. गर्भावस्था के दौरान और उससे पहले महिला को शराब ,धूम्रपान और नशीले पदार्थों और नशीली दवा से दूर रहना चाहिए ।
  2. डाइबीटीज़ , थाइरॉइड हो तो उस को कंट्रोल करके रखें ।
  3. पौषक तत्वों से युक्त संतुलित आहार लेते रहना चाहिए ,फॉलिक ऐसिड नाम की टैबलेट गर्भ धारण करने से एक महीने पहले से स्टार्ट कर देनी चाहिए और भ्रूण के विकास के दौरान Pregnancy के शुरुआती 3 महीने लेनी चाहिए ।
  4. अपने डॉक्टर से Genetic Councelling लेनी चाहिए ।

गर्भावस्था के दौरान (Antenatal Care)-

  1. नियमित प्रसव पूर्व जांच (ANC check-ups ) नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर करवाते रहना चाहिए । 4-5 वें महीने पर Anomaly Scan Ultrasound करवानी चाहिए ।
  2. हानिकारक दवाओं और Radiation (X-Ray ,CT scan )से बचना चाहिए ।
  3. गर्भावस्था में संतुलित आहार जो आयरन ,iodine ,कैल्सीयम,फॉलिक ऐसिड ऍवम् अन्य तत्वों से भरपूर हो ।
  4. समय पर टीकाकरण करवाते रहें ।
  5. जन्म के समय और उसके बाद नवजात स्क्रीनिंग कार्यक्रमों को बढ़ावा देना चाहिए ।

सार्वजनिक स्वास्थ्य उपाय

  1. Maternal Health service – गर्भवती महिलाओं में जागरूकता अभियान
  2. Fortification of Food – खाद्य पदार्थों में फॉलिक ऐसिड और iodine की supplement करना

Living with a Congenital Anomaly : जन्मजात विकृति वाले बच्चों का जीवन

जन्मजात विकृति वाले बच्चे के माता पिता को भावनात्मक और आर्थिक दोनों परेशानियों का सामना करना पड़ता है ।समय पर इलाज, सहायक थेरेपी और डॉक्टर के नियमित फॉलोअप से बच्चा सामान्य जीवन जी सकता है।
आज की आधुनिक चिकित्सा से ऐसे बच्चों का जीवन स्तर और आत्मनिर्भरता काफी बढ़ गई है।

Conclusion : निष्कर्ष

जन्मजात विकृतियाँ एक गंभीर लेकिन नियंत्रित की जा सकने वाली स्वास्थ्य समस्या हैं।
समय पर जांच, संतुलित आहार, फोलिक एसिड का सेवन और उचित मातृ देखभाल से इनमें से कई विकृतियों को रोका जा सकता है।
माता-पिता, डॉक्टर और समाज -तीनों की संयुक्त भूमिका से हर बच्चे को एक स्वस्थ शुरुआत दी जा सकती है।

उम्मीद करते है यह जानकारी आपको पसंद आई होगी , अपने परिवार के लोगों को share करें और अपने बच्चों का ख्याल रखें । धन्यवाद

Disclaimer

this information is only for education purpose , not a substitute for professional medical advice or treatment. Always seek the advice of your Physician and Pediatrician .यह जानकारी एक शिक्षा और जागरूकता के उद्देश्य से है यह कोई चिकित्सा राय नहीं है, इलाज अपने डॉक्टर की सलाह के बाद ही करें ।

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